IAS Success Story: नौकरी के साथ शुरू की UPSC की तैयारी, आखिरकार चौथे प्रयास में यशिनी को मिली सफलता

Success Story Of IAS Topper Yashni Nagrajan: कई लोग यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने के लिए अपनी जॉब छोड़ देते हैं, ताकि वे इसमें ज्यादा से ज्यादा समय दे सकें. हालांकि कई लोग ऐसी स्थिति में नहीं होते जो यूपीएससी की तैयारी के लिए अपनी जॉब छोड़ सकें. जॉब के साथ तैयारी करके भी इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है. ऐसा ही यशिनी नागराजन करके दिखाया. उन्होंने फुल टाइम जॉब के साथ यूपीएससी की तैयारी की और चौथे प्रयास में सफलता प्राप्त कर ली. 

जॉब के बाद भी 4-5 घंटे पढ़ाई की

यशिनी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फुल टाइम जॉब का करने के बावजूद भी वे 4 से 5 घंटे हर दिन पढ़ाई के लिए निकाल लेती थीं. हर दिन ऐसा करना मुश्किल जरूर था, लेकिन नामुमकिन नहीं था. वेेे लगातार अपनी तैयारी में जुटी रहीं. वे बताती हैं कि ऑफिस की छुट्टी होने पर वे पूरे दिन पढ़ाई करती थीं. महीने में जितनी बार भी उन्हें छुट्टी मिलती, वे उसे अच्छी तरह इस्तेमाल करती थीं.

टाइम मैनेजमेंट बेहद जरूरी

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यशिनी कहती हैं कि यूपीएससी परीक्षा में सफलता के लिए टाइम मैनेजमेंट बेहद जरूरी होता है. खासतौर से जब आप जॉब कर रहे होते हैं तो आपके लिए टाइम मैनेज करना एक चैलेंज होता है. अगर आप चाहेंगे तो इसमें से कुछ समय अपनी पढ़ाई के लिए हर दिन निकाल पाएंगे. ऐसा ही उन्होंने किया था. उन्होंने अपने समय के हिसाब से शेड्यूल बनाकर तैयारी की थी.

देखें यशिनी का दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू

 

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असफलता मिलने पर कमियों को दूर किया

वे बताती हैं कि असफलता मिलने की कोई वजह होती हैं. अगर आपको पहले प्रयास में असफलता मिली है तो दूसरी बार कोशिश करें कि पिछली वाली कमियों को ढूंढकर सही किया जा सके. ऐसा ही उन्होंने किया और हर बार पिछले से ज्यादा बेहतर परिणाम मिले. इसी तरह के शेड्यूल की वजह से उन्हें सफलता मिल पाई. हर बार आप ज्यादा से ज्यादा मेहनत कर परीक्षा पास करने की कोशिश करें. आप टॉपर्स के इंटरव्यू भी देख सकते हैं, जिससे आपका मार्गदर्शन हो जाएगा.

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दूसरे कैंडिडेट्स को सलाह 

यशिनी का मानना है कि आजकल ऑनलाइन भी काफी मटेरियल मौजूद है जिसके आप सहायता यूपीएससी परीक्षा की तैयारियों में ले सकते हैं. ऑनलाइन आपको फ्री में बहुत सारा मटेरियल मिल जाता है. हालांकि चुनिंदा किताबों को ही अपने पास रखें. बुक लिस्ट तैयार करना भी काफी जरूरी होता है. सिलेबस को कंप्लीट करने के बाद ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करें.

मॉक टेस्ट पेपर सॉल्व करते वक्त समय का काफी ध्यान रखें. पूरी ईमानदारी से मेहनत करें. यही आपकी सफलता का मार्ग निश्चित कर सकती है. यशिनी कहती हैं कि किसी भी कैंडिडेट को परीक्षा में असफल होने पर अपने वीक प्वॉइंट्स आइडेंटिफाई करने चाहिए और उन्हें दूर करना चाहिए. अगर सही दिशा में सही मार्गदर्शन के साथ बढ़ेंगे और जितना पढ़ेंगे मन लगाकर पढ़ेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब मंजिल आपके कदमों में होगी.

 

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